हर्निया क्या है ?
क्या है ? जानिए इसके कारण, लक्षण, इलाज व बचाव।
हर्निया पेट के आंत की बीमारी होती है। हर्निया होने से पेट में छिद्र होने लगता है और सूजन के रूप में बाहर आ जाता है। जिससे कमर की मांसपेशिया कमजोर हो जाती है। हर्निया की बीमारी पुरुषो और महिलाओं दोनों में पायी जाती है। किंतु अधिकांशतः यह बीमारी पुरुषो में अधिक पायी जाती है। आइए हर्निया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी लेते है।
हर्निया कितने प्रकार का होता है ? (Types of Hernia in Hindi)
हर्निया पांच प्रकार का होता है।
- अम्बिलिकल हर्निया छोटे बच्चों में होता है। छोटे बच्चो में छह महीने के अंदर वाले बच्चों में अधिक होता है।
- स्पोर्ट्स हर्निया पेट के निचले हिस्से और जांघ के बिच के भाग में होता है।
- इंसिजनल हर्निया पेट की सर्जरी होने के बाद किसी व्यक्ति को होने की संभावना रहती है।
- हाइटल हर्निया यह पेट के हिस्से में डायफ्राम के माध्यम से छाती तक पहुंच जाता है और पेट की मांसपेशियो पर प्रभाव डालता है।
हर्निया के कारण क्या है ? (What are The Causes of Hernia in Hindi)
- व्यक्ति के भारी वजन उठाने के कारण होता है।
- चोट लगने के कारण हो सकता है।
- यदि कोई पुराना ऑपरेशन करवाया है तो उसके कारण भी हो सकता है।
- अधिक मोटापा के कारण हो सकता है।
- कब्ज की समस्या होने के कारण हो सकता है।
- गर्भावस्था में भी हो सकता है।
- बढ़ती उम्र होने के कारण होता है।
- लंबे समय तक खासी आने के कारण हो सकता है।
हर्निया के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Hernia in Hindi)
- पेट की चर्बी का बाहर निकलना।
- मलमूत्र को त्यागने में परेशानी होना।
- पेट के निचले भाग में सूजन होना।
- लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने पर दर्द होना।
हर्निया का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Hernia in Hindi)
- हर्निया का इलाज डॉक्टर सर्जरी के माध्यम से करते है। सर्जरी में भी दो तरह का सर्जरी होता है। ओपन सर्जरी और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी।
- ओपन सर्जरी में मरीज को छह महीनो तक आराम करना पड़ता है। व्यक्ति छह महीने तक कोई भी चलने फिरने या व्यायाम की गतिविधि नहीं कर सकता है।
- लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में जनरल एनेस्थेसिया और लोकल सर्जरी करते है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में शरीर पर छोटा चीरा लगाया जाता है। यह ऊतक के आस पास होता है। यह हानिकारक भी नहीं होता है।
हर्निया से बचाव कैसे करे ? (How to Prevent Hernia in Hindi)
- वजन को नियंत्रित रखे।
- स्वस्थ आहार का सेवन करे।
- व्यायाम और योग करे जिससे कब्ज की समस्या नहीं होगी।
- वजन सामान उठाते समय तकनीक का उपयोग करे।
- बार बार खासी आती है। तो धूम्रपान करना छोड़ दे।
- लगातार खासी आने पर इसकी जांच डॉक्टर से करवाये और खासी का उपचार शुरू करे।
- शौच करने व मलमूत्र करने में अधिक दबाव लगाने से बचे।
- हर्निया के शुरुवाती लक्षण नजर आये, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे और हर्निया का इलाज करवाये।
